मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वाडीनार पोर्ट पर LPG से भरा “जग वसंत” नामक टैंकर सुरक्षित पहुंच गया है। इस जहाज में करीब 16 हजार मीट्रिक टन एलपीजी है, जिसे घरेलू गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस टैंकर के आगमन से देश में गैस की उपलब्धता में मजबूती आएगी।
सुरक्षा बढ़ाई गई, ऑपरेशन जारी
हॉर्मुज क्षेत्र में लगातार तनाव और जोखिम के बीच “जग वसंत” का सुरक्षित पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहाज पोर्ट से लगभग 10 नॉटिकल मील की दूरी पर एंकरिंग पर है। पोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशन को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। बड़े जहाज से LPG का ट्रांसफर छोटे टग “रोज़” में किया जाएगा, जिससे देशभर में आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा सके।
मिडिल-ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण
मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी है और यह अब 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान-इजरायल के बीच संयुक्त हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। ऐसे में इस क्षेत्र से आने वाले जहाजों की आवाजाही संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन “जग वसंत” की सुरक्षित आगमन से आपूर्ति श्रृंखला में राहत मिली है।
ईरान ने मित्र देशों को दी छूट
ईरान ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए 5 देशों की सूची जारी की है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक शामिल हैं। इन देशों के जहाजों को वाणिज्यिक नौवहन के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है। इस कदम से भारत को एलपीजी और अन्य ऊर्जा आपूर्ति में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
